झुंझुनूं : …तो क्या झुंझुनू जिला प्रशासन में नहीं रही अब वो वाली बात ! फिर याद आई पूर्व के झुंझुनू में जिला कलेक्टर रह चुके रवि जैन और मुग्धा सिन्हा की

झुंझुनूं : झुंझुनूं जिला प्रशासन की वर्तमान में जो स्थिति है उसको देखकर तो यही लगता है कि अब वो वाली बात नहीं रही है क्योंकि आम जनता की बात तो छोड़िए झुंझुनू जिला मुख्यालय के पत्रकारों को भी अपनी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए झुंझुनू जिला कलेक्टर को बार-बार अवगत करवाना पड़ता है। फिर भी नतीजा सिफर ही निकलता है। आज का एक ताजा उदाहरण है कि जिला मुख्यालय के एक वरिष्ठ पत्रकार को भी झुंझुनूं जिला प्रशासन से जुड़ी हुई लापरवाही को अवगत करवाने के लिए सोशल मीडिया व्हाट्सएप के ग्रुप में समाचार लिखकर डालना पड़ा।

वही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झुंझुनू की आम जनता और पत्रकारों के साथ जो भी लोग सार्वजनिक जन सरोकार रखते हैं। उन लोगों को भी अब यह कमी खलने लगी है कि झुंझुनूं जिला प्रशासन में कहीं तो कुछ कमी है और बरबस ही मुंह से निकलता है कि झुंझुनू जिला प्रशासन में अब वो वाली बात नहीं रही और तो और झुंझुनूं जिले की जनता और बुद्धिजीवियों को अब पूर्व में झुंझुनूं के जिला कलेक्टर रहे रवि जैन और मुग्धा सिन्हा की याद आने लगी है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार की योजनाएं कितनी भी अच्छी हो लेकिन जब तक अफसरशाही उनको संजीदा होकर क्रियान्वयन करवाने के लिए अपना पूरा योगदान नहीं देती है तब तक वह योजनाएं धराशाई ही साबित होती हैं। इसके साथ ही जिले के जो आला अधिकारी होते हैं उनके मातहत जो कर्मचारी और अधिकारी होती हैं वह भी किसी बात को सीरियसली नहीं लेते हैं या फिर वे अपने मूल काम से इतर दूसरे कामो में या स्वयं का गुणगान करवाने में ख़ुशी और गर्व मसूसस करने लगते है। लिहाजा ऊपर से लेकर नीचे तक के प्रशासन में एक ठंडापन सा आ जाता है और यही ठंडा पन आम जनता को पीड़ा देने वाला साबित होता है। क्रमश :

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