झुंझुनूं-सूरजगढ़ : झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे में जलवा पूजने जा रही महिलाओं के बीच लड़ते हुए दो सांड घुस गए। इसके बाद मंगल गीत गाती महिलाओं में चीख पुकार मच गई। घटना 17 मार्च की है लेकिन इसका वीडियो मंगलवार को सामने आया।
हादसे में 9 महिलाएं घायल हो गईं। ये महिलाएं जलवा पूजन के कार्यक्रम में तैयार होकर शामिल हुई थीं। सूरजगढ़ अनाज मंडी के वार्ड 5 में एक परिवार की ओर से एक साल पहले जन्मी जुड़वां बेटियों के पहले जन्मदिन पर जलवा पूजने का कार्यक्रम रखा गया था।
शुक्रवार 17 मार्च को शाम 4.30 बजे महिलाएं जलवा पूजने के लिए कुएं पर जा रही थी। इसी दौरान दो सांड लड़ते हुए महिलाओं के ग्रुप में जा घुसे। इससे महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। चारों और चीख पुकार होने लगी। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने सांडों को वहां से भगाया गया।
इस घटना में वार्ड की पुष्पा पत्नी केशरमल शर्मा, संतोष पत्नी दिनेश, ममता पत्नी मनीष, चंद्रपति पत्नी रूपचंद, फूलवती पत्नी बनवारीलाल, शारदा पत्नी गोविंदराम, ललिता पत्नी गुगनराम, ग्यारसी पत्नी मदनलाल व मंजू पत्नी कैलाशचंद्र घायल हो गई।
जिन्हें एम्बुलेंस से सीएचसी सूरजगढ़ पंहुचाया गया। जहां पुष्पा, संतोष, ममता, चंद्रपति व फूलवती की हालत गंभीर होने पर उन्हें झुंझुनूं रेफर किया गया। लोगों ने कहा कि नगरपालिका की अनदेखी के कारण कस्बे में आए दिन आवारा मवेशी सड़कों पर लड़ते हैं। जिससे लोगों को परेशानी होती है।
वीडियो में बचकर भागती दिखी महिलाएं
32 सेकेंड के इस वीडियो में वार्ड 5 की 40 फीट चौड़ी गली में महिलाएं फंसी दिख रही हैं। दोनों तरफ दीवारें हैं। दो सांड लड़ते हुए महिलाओं की झुंड की तरफ बढ़ते हैं। इस दौरान रास्ते में खड़ी दो बाइक भी सांडों की टक्कर से गिर गईं।
इस दौरान महिलाओं की चप्पलें भी सड़क पर ही छूट गईं। वे बचने के लिए चीखते हुए भागने लगीं। एक बुजुर्ग महिला की सहारे की छड़ी भी सड़क पर गिर गई। वह हाथ में एक चप्पल थामे भागने की कोशिश करते दिखी। एक व्यक्ति ने उसे सांडों की चपेट में आने से बचाया।
काले रंग के सांड ने दूसरे सांड को तेजी से पीछे की तफ धकेला जहां खड़ी एक ऑल्टो कार इस लड़की की चपेट में आ गई जिसके अगले हिस्से में डेंट पड़ गया। महिलाओं के बीच कुछ युवक महिलाओं को बचाने की कोशिश करते दिखे।
इस दौरान दो सांड़ों की लड़ाई में एक कुत्ता भी चपेट में आते-आते बचा। काले सांड ने दूसरे सांड को गली में दूर तक खदेड़ दिया। ऐसे में आगे भाग चुकी महिलाएं दोबारा दौड़ते हुए पीछे छूटे समूह की ओर दौड़ पड़ी।
साड़ी पहने एक महिला बाल बाल सांड से टकराने से बची। बाद में दो युवक डंडा लेकर सांडों के पीछे दौड़े लेकिन तक तक सांड वहां से दूर जा चुके थे। जलवा पूजने जा रही महिलाएं एक मकान के चबूतरे पर चढ़कर अपने जख्म सहलाते और कराहते दिखीं। सांड़ों के गुजर जाने के बाद वहां लोगों ने एक दूसरे को संभाला और एम्बुलेंस बुलाने की बात करने लगे।